Haryana Anganbadi Bharti: हरियाणा में आई आंगनबाड़ी के पदों पर भर्ती, जानें कब और कैसे करें आवेदन

Haryana Anganbadi Bharti हरियाणा विधानसभा में विधायक रामकुमार कश्यप ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बारे में सवाल किया था। इसके जवाब में मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि करनाल जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 1,479 और सहायिकाओं के 1,454 स्वीकृत पद हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि करनाल जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए चयन मानदंडों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में 1,479 स्वीकृत पदों में से 1,355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद भरे हुए हैं, जबकि 124 पद रिक्त हैं। वहीं, 1,454 स्वीकृत आंगनबाड़ी सहायिका पदों में से 1,219 पद भरे हुए हैं और 235 पद रिक्त हैं। विभाग इन रिक्त पदों को भरने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कुल 25,962 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 23,413 पद भरे हुए हैं, जबकि 2,549 पद रिक्त हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए 25,450 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 21,011 पद भरे हुए हैं और 4,439 पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए चयन मानदंड तैयार किए जा रहे हैं, और जल्द ही इन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों के लिए पात्रता राज्य सरकार द्वारा निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर तय की जाती है। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए आमतौर पर कुछ सामान्य पात्रता मानदंड होते हैं, जैसे: 1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: सामान्यतः उम्मीदवार को 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) उत्तीर्ण होना चाहिए। कुछ राज्यों में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य हो सकता है। कुछ पदों के लिए स्थानीय क्षेत्र के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है। 2. आंगनवाड़ी हेल्पर:
उम्मीदवारों को 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
स्थानीय क्षेत्र के उम्मीदवारों को वरीयता मिल सकती है।
उम्मीदवारों को इन पदों के लिए आवेदन करने से पहले चयन प्रक्रिया और पात्रता के बारे में आधिकारिक विज्ञापन को ध्यान से पढ़ना चाहिए, क्योंकि राज्य सरकारें समय-समय पर मानदंड बदल सकती हैं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर के पदों के लिए चयन प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है और इसमें आमतौर पर निम्नलिखित चरण होते हैं:
1. आवेदन प्रक्रिया:
उम्मीदवारों को आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से आवेदन पत्र भरने के बारे में सूचित किया जाता है।
आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में प्राप्त किए जा सकते हैं, जो भी राज्य सरकार द्वारा तय किया जाता है।
2. योग्यता और दस्तावेज़ सत्यापन:
आवेदन के बाद, उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आयु और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
यह सुनिश्चित किया जाता है कि उम्मीदवार चयन मानदंडों को पूरा करता है।
3. परीक्षा (यदि लागू हो):
कुछ राज्य चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करते हैं। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान, बाल विकास, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विषयों से प्रश्न हो सकते हैं।
हालांकि, कुछ राज्य केवल मेरिट सूची के आधार पर चयन करते हैं और कोई लिखित परीक्षा नहीं होती है।
4. साक्षात्कार (यदि लागू हो):
कुछ पदों के लिए साक्षात्कार भी आयोजित किया जा सकता है। यह प्रक्रिया उम्मीदवार के व्यक्तित्व, संचार कौशल और काम की समझ का परीक्षण करने के लिए की जाती है।
5. मेरिट सूची:
मेरिट सूची उम्मीदवारों की परीक्षा और साक्षात्कार (यदि आयोजित की जाती है) के परिणाम के आधार पर तैयार की जाती है।
ज्यादातर, चयन प्रक्रिया शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करती है।
6. नियुक्ति:
मेरिट सूची के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं और उन्हें आंगनवाड़ी केंद्रों पर काम करना शुरू करने के लिए नियुक्त किया जाता है।
चयन प्रक्रिया का सारा विवरण राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से दिया गया है, इसलिए उम्मीदवारों को इस जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए।













